
अगर आप छत पर नेट-मीटरिंग, PM Surya Ghar, या खेत / जमीन पर ओपन एक्सेस सोलर की योजना बना रहे हैं, तो मई–जून 2026 में एक सवाल सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है: क्या 1 जून 2026 के बाद ऑन-ग्रिड सोलर लगवाना महंगा पड़ेगा?
सीधा जवाब: 1 जून 2026 से जो परियोजनाएं कमीशन होंगी, उनके लिए नियम सख्त हैं — मॉड्यूल ALMM List-I से और उनके अंदर की सेल ALMM List-II से होनी चाहिए। इससे आपूर्ति घरेलू निर्माताओं की ओर जाती है, और बाजार रिपोर्ट में मॉड्यूल की कीमतें पुराने सस्ते आयात वाले दौर से ऊपर दिख रही हैं। लगाना असंभव नहीं, लेकिन बजट, विक्रेता चुनाव और समय पहले से ज्यादा मायने रखते हैं।
यह लेख नीति, MNRE के फैसले, और आपको क्या करना चाहिए — सादी हिंदी में समझाता है। आंकड़े व्यापारिक मीडिया और रेटिंग एजेंसी रिपोर्ट से हैं; निवेश से पहले mnre.gov.in और अपने DISCOM पर जरूर जांच करें।
1 जून 2026 से नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस परियोजनाएं जो उस तारीख के बाद कमीशन हों, उन्हें ALMM List-I (मॉड्यूल) और ALMM List-II (सेल) मानना होगा। MNRE ने सभी के लिए एकसाथ समय बढ़ाने से इनकार किया है।
ALMM क्या है — List-I और List-II
ALMM यानी नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) की स्वीकृत मॉडल और निर्माता सूची। कई सरकारी योजनाओं और ग्रिड से जुड़े सोलर कामों में केवल इस सूची के उपकरण मिलते हैं।
| सूची | किस पर | 2026 में स्थिति |
|---|---|---|
| List-I | सोलर मॉड्यूल (पैनल) | कई सालों से लागू |
| List-II | सोलर सेल (पैनल के अंदर) | 1 जून 2026 से अनिवार्य (लागू परियोजनाओं पर) |
पहले कुछ निर्माता आयातित सेल लाकर भारत में मॉड्यूल बनाते थे। List-II से कवर परियोजनाओं पर सेल भी घरेलू ALMM List-II वाले निर्माता से होनी चाहिए।
सरकार का लक्ष्य: मेक इन इंडिया सोलर। असर: अल्पावधि में आपूर्ति कम और कीमत दबाव।
किस पर 1 जून 2026 से लागू?
मई 2026 में उद्योग मीडिया में MNRE संदेश के अनुसार:
- नेट-मीटरिंग (छत / खेत — बिजली ग्रिड में भेजना)
- ओपन एक्सेस नवीकरणीय परियोजनाएं
- 1 जून 2026 या उसके बाद कमीशन होने वाली परियोजनाएं
1 जून से पहले कमीशन हो चुकी परियोजनाएं पुराने नियमों में रह सकती हैं — डेवलपर और DISCOM से लिखित में पूछें।
व्यावहारिक रूप से कई DISCOM नेट-मीटरिंग के लिए पहले से ALMM पैनल मांगते हैं। 2026 में ऑन-ग्रिड काम ALMM मानकर चलें।
बड़े प्लांट के लिए हमारा PM-KUSUM गाइड और एग्रीवोल्टाइक्स / PM-KUSUM 2.0 भी पढ़ें।
क्या महंगाई बढ़ेगी?
ईमानदारी से: निकट भविष्य में ज्यादा खर्च की संभावना है, पर हर राज्य और हर किसान पर अलग असर।
मॉड्यूल की कीमत (उद्योग रिपोर्ट)
Moneycontrol आदि में मई 2026 रिपोर्ट:
- घरेलू मॉड्यूल लगभग ₹25–27 प्रति वाट
- पहले अक्सर ₹21–22 प्रति वाट के आसपास बताया जाता था
- कारण: घरेलू सेल की कमी जैसे List-II नजदीक आया
5 kW छत पर प्रति वाट कुछ रुपये बढ़ने से हजारों रुपये अतिरिक्त। MW स्तर पर लाखों–करोड़ों का फर्क।
टैरिफ पर अनुमान
CareEdge Ratings (Energetica India आदि में उद्धृत) ने अनुमान लगाया कि सेल पर ALMM से सोलर टैरिफ में लगभग 40–50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हो सकती है जब तक घरेलू आपूर्ति न बढ़े। अन्य टिप्पणी में ₹0.40–0.50 प्रति यूनिट भी आया।
ये पूर्वानुमान हैं, सरकार की तय कीमत नहीं। आपके DISCOM नेट-मीटरिंग दर पर अलग असर हो सकता है।
सब्सिडी मिले तब भी खर्च क्यों बढ़ सकता है?
- List-II सेल की क्षमता अभी सीमित — बड़े ऑर्डर पर 8–16 सप्ताह लीड टाइम बताए गए
- कवर परियोजनाओं पर सस्ता आयातित सेल वाला रास्ता बंद
- EPC कोटेशन में महंगाई जुड़ जाती है
- PM Surya Ghar आदि में भी ALMM उपकरण जरूरी — गैर-सूची वाला सामान = सब्सिडी जोखिम
क्या समय बढ़ा?
सभी के लिए एकसाथ नहीं।
मई 2026 में MNRE स्पष्ट (Mercom, TaiyangNews, SolarQuarter आदि):
- 1 जून 2026 की तारीख ज्यों की त्यों
- उद्योग की सामूहिक बढ़ोतरी की मांग मंजूर नहीं
- केस-टू-केस राहत संभव
दो छूट श्रेणियां (संक्षेप)
श्रेणी I — मॉड्यूल लगे, कमीशन नहीं
- 1 जून 2026 से पहले जरूरी सभी मॉड्यूल साइट पर लगे
- कमीशन उस तारीख से पहले न हुआ
- सबूत: विद्युत निरीक्षक से DC साइड / मॉड्यूल लगाने का प्रमाण
श्रेणी II — प्रभावी कदम उठाए
- 1 जून से पहले ठोस प्रगति, जैसे:
- 75% जमीन कब्जा
- वित्तीय बंदोबस्त (ऋण मंजूरी)
- कनेक्टिविटी की सिद्धांत मंजूरी
- विद्युत ड्रॉइंग स्वीकृत (कुछ आदेश में 1 मई 2026 से पहले)
- 100% मॉड्यूल साइट पहुंचे या 50% से ज्यादा लगे — जियो-टैग फोटो, बिल
आवेदन: NISE पोर्टल पर 30 जून 2026 तक। विशेषज्ञ समिति जांच कर सकती है; साइट निरीक्षण भी हो सकता है।
कुछ रिपोर्ट में पश्चिम एशिया आपूर्ति से प्रभावित परियोजनाओं को 2–4 महीने अनुबंध विस्तार — केस पर, अपने आप नहीं।
अगर विक्रेता कहे “आयातित पैनल चल जाएगा” — रुकें और जांचें। कवर परियोजना में List-II सेल + List-I मॉड्यूल की जंजीर जरूरी है। ALMM मॉडल नंबर लिखित में मांगें।
अभी क्या करें — कदम दर कदम
1. परियोजना का प्रकार तय करें
| प्रकार | रास्ता |
|---|---|
| छत नेट-मीटरिंग / PM Surya Ghar | राज्य DISCOM + राष्ट्रीय पोर्टल |
| खेत पर ओपन एक्सेस (MW) | डेवलपर / PPA |
| सिर्फ सोलर पंप | PM-KUSUM घटक B |
2. कोटेशन में ALMM सबूत मांगें
- मॉड्यूल List-I पर
- सेल List-II स्रोत (निर्माता पत्र / डेटाशीट)
- BIS जहां लागू हो
- लगाने और कमीशन की तारीख अलग हो सकती है — नियम अक्सर कमीशन से जुड़ते हैं
3. दो हिसाब लिखवाएं
- 1 जून से पहले कमीशन (अगर अभी संभव — आपूर्ति और DISCOM समय लगाते हैं)
- जून के बाद पूर्ण ALMM स्टैक — ₹25–27/W जैसे कोटेशन बजट में रखें, पुराने ₹21–22 नहीं
4. सब्सिडी जांचें
सरकारी सब्सिडी सूची देखें। गैर-ALMM किट से सब्सिडी रद्द हो सकती है — यह थोड़ी महंगाई से ज्यादा नुकसान देती है।
5. केवल आधिकारिक पोर्टल
- mnre.gov.in — ALMM सूची
- pmkusum.mnre.gov.in — सोलर योजनाएं
- NISE पोर्टल — छूट दावा (योग्य हो तो)
आम गलतियां
- सस्ते गैर-ALMM पैनल ले लेना
- लगाने और कमीशन की तारीख उलझाना
- WhatsApp पर “सबका समय बढ़ गया” मान लेना
- जियो-टैग फोटो न रखना जब छूट की जरूरत पड़ सकती हो
- DISCOM नेट-मीटरिंग नियम न पढ़ना
निष्कर्ष
1 जून 2026 से कमीशन होने वाली ऑन-ग्रिड परियोजनाओं को ALMM List-I + List-II मानकर चलें। खर्च 2024–25 के सस्ते आयाती कोटेशन से ऊपर हो सकता है — उद्योग में लगभग ₹4–6 प्रति वाट मॉड्यूल और 40–50 पैसे/यूनिट टैरिफ दबाव के अनुमान हैं।
हर अधूरे साइट के लिए नहीं: पूरे मॉड्यूल लगे हों या दस्तावेजी प्रगति हो — 30 जून 2026 तक NISE पोर्टल पर दावा करें।
संदेह हो तो दूसरा ALMM कोटेशन लें और अग्रिम राशि से पहले DISCOM से पुष्टि करें।
खेती के साथ मिलाकर देखें: PMKSY ड्रिप, पॉलीहाउस सब्सिडी, PM-KUSUM। पानी, फसल और बिजली एक साथ योजना बनाना बेहतर है।
अस्वीकरण: ALMM सूची, छूट और कीमतें बदलती रहती हैं। CareEdge, Mercom, Moneycontrol और MNRE से जुड़ी मई 2026 रिपोर्टें संकेतक हैं। निवेश से पहले mnre.gov.in, NISE और राज्य DISCOM पर जांच करें। अस्क किसान सरकारी विभाग नहीं है।
अंतिम जांच: जून 2026 (मई 2026 MNRE आदेश, व्यापारिक मीडिया के अनुसार)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ALMM List-II क्या है और कब लागू होगा?
ALMM (Approved List of Models and Manufacturers) List-II सोलर PV सेल पर लागू है। 1 जून 2026 से नेट-मीटरिंग और ओपन एक्सेस परियोजनाएं जो उस तारीख के बाद कमीशन हों, उन्हें ALMM List-I मॉड्यूल और List-II सेल चाहिए — घरेलू स्वीकृत निर्माताओं से। नवीनतम सूची mnre.gov.in पर जांचें।
क्या जून 2026 के बाद सोलर महंगा हो जाएगा?
उद्योग रिपोर्टों में घरेलू मॉड्यूल की कीमत लगभग ₹25–27 प्रति वाट बताई गई है, पहले लगभग ₹21–22 प्रति वाट के आसपास। विश्लेषकों (जैसे CareEdge Ratings, व्यापारिक मीडिया) के अनुमान से निकट भविष्य में सोलर टैरिफ में लगभग 40–50 पैसे प्रति यूनिट बढ़ोतरी हो सकती है जब तक घरेलू सेल आपूर्ति न बढ़े। अपने राज्य और विक्रेता से लिखित कोटेशन लें।
क्या 1 जून के बाद समय बढ़ाया गया है?
MNRE ने ALMM List-II की समय-सीमा पर सार्वभौमिक (blanket) बढ़ोतरी अस्वीकार की है। 1 जून 2026 से पहले पर्याप्त प्रगति वाली परियोजनाओं को केस-टू-केस राहत मिल सकती है। दावे 30 जून 2026 तक राष्ट्रीय सौर ऊर्जा संस्थान (NISE) पोर्टल पर दस्तावेजों के साथ दें।
क्या PM Surya Ghar सब्सिडी पर असर पड़ेगा?
कई सरकारी योजनाओं पर ALMM List-I पहले से लागू है। जून 2026 से List-II सेल भी जरूरी हो जाते हैं। सब्सिडी वाली छत / नेट-मीटरिंग के लिए केवल ALMM सूची वाले उपकरण लें — खरीद से पहले मॉडल नंबर जांचें।
केस-टू-केस छूट के लिए क्या कागजात चाहिए?
श्रेणी I: 1 जून 2026 से पहले सभी मॉड्यूल साइट पर लगे हों पर कमीशन न हुआ हो — विद्युत निरीक्षक प्रमाणपत्र। श्रेणी II: 75% जमीन कब्जा, वित्तीय बंदोबस्त, कनेक्टिविटी मंजूरी, ड्रॉइंग स्वीकृति, मॉड्यूल आगमन या 50% से ज्यादा लगाने का सबूत (जियो-टैग फोटो, बिल)। NISE पोर्टल पर 30 जून 2026 तक आवेदन।

